इस इंसान के फेफड़े में उगा गया मटर का पौधा,

इंसान के पेट में भले ही बीज पौधा नहीं बन सकता है लेकिन मनुष्य के फेफड़े में बीज से पौधा बनने के कुछ मामले देखे गए हैं. Massachusetts रहने वाले 75 वर्ष के Ron Sveden नाम के व्यक्ति के फेफड़े में एक बीज पौधा बन गया, उन्हें यह बात तब पता चली जब उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी, सांस लेने में दिक्कत की शिकायत लेकर वह डॉक्टर के पास गए हैं, डॉक्टर ने उनके इस परेशानी को जानने के लिए उनके फेफड़े का एक्सरे निकाला एक्सरे में यह पाया गया कि उनके फेफड़े में एक मटर का पौधा उगाया है. कुछ समय बाद

इस इंसान के फेफड़े में उगा गया मटर का पौधा,

जब हम बच्चे थे, तो हमें डराने के लिए यह कहा जाता था कि संतरे या खरबूजे का बीज निकलना नहीं चाहिए, अगर तरबूज आया संतरे का बीज पेट में चला जाएगा, तो हमारे पेट में संध्या तरबूज का पेड़ निकल आएगा. और इस बात से डरते हुए बचपन में कई लोग बड़ी ही संभल कर संतरे और तरबूज खाते होंगे.

लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है कि किसी भी फल का बीज खाने से हमारे पेट में पेड़ पौधे उग सकते हैं. बचपन में यह बात भले ही हमें डराने के लिए कही जाती थी, लेकिन अगर वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो, किसी भी फल का बीज हमारे पेट में जाने के बाद वह पचना (डाइजेस्ट) होना शुरू हो जाता है. और 8 घंटे या 12 घंटे के प्रक्रिया के बाद बीज पूरी तरह से डाइजेस्ट हो जाता है और सुबह मलद्वार से बाहर आ जाता है.

पेट में नहीं अंकुरित हो सकता है बीज

मनुष्य के पेट में भोजन को पचाने के लिए हाइड्रोक्लोरिक एसिड होता है जो लगभग सभी प्रकार के भोजन को बहुत ही आसानी से पचा देता है, जब कोई भी फल का बीज हमारे पेट में जाता है तो उसे अंकुरित होने के लिए अनुकूल वातावरण नहीं मिल पाता है. जिसके कारण वह अंकुरित नहीं हो पाता है. और इस प्रकार बीज पेड़ या पौधा नहीं बन पाता है.

लेकिन अब बात यह होती है कि अगर किसी फल के बीज को पेट के अंदर अनुकूलित वातावरण मिला तो बेशक वह अंकुरित होगा और पौधा बन जाएगा, लेकिन अभी तक ऐसा संभव नहीं हुआ है, और ऐसा ना हो इंसान के लिए वही बेहतर है. लेकिन यदि फल के बीज, चना और मटर हमारे फेफड़ों में जाकर फस जाए तो कई गुना संभावना है कि यह बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले सकते हैं.

फेफड़ों में बीज पौधा बन सकता है

इंसान के पेट में भले ही बीज पौधा नहीं बन सकता है लेकिन मनुष्य के फेफड़े में बीज से पौधा बनने के कुछ मामले देखे गए हैं. Massachusetts रहने वाले 75 वर्ष के Ron Sveden नाम के व्यक्ति के फेफड़े में एक बीज पौधा बन गया, उन्हें यह बात तब पता चली जब उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी, सांस लेने में दिक्कत की शिकायत लेकर वह डॉक्टर के पास गए हैं, डॉक्टर ने उनके इस परेशानी को जानने के लिए उनके फेफड़े का एक्सरे निकाला एक्सरे में यह पाया गया कि उनके फेफड़े में एक मटर का पौधा उगाया है. कुछ समय बाद 75 वर्षीय Ron Sveden का सफल ऑपरेशन सर्जरी किया गया और उस मटर के पौधे को उनके फेफड़े से निकाला गया.

75 वर्ष के Ron Sveden जिनके फेफड़े में होगा आया था मटर का पौधा

फेफड़े में फसा हुआ बीज क्यों बन जाता है पौधा

वनस्पति विज्ञान के अनुसार, किसी भी बीज को अंकुरित होने और अंकुरित होकर उसे पौधा बनने के लिए एक खास प्रकार के अनुकूलित वातावरण की आवश्यकता होते हैं. किसी भी प्रकार के बीज के लिए यह अनुकूलित वातावरण मनुष्य के पेट के अंदर नहीं मिल पाता है.

लेकिन इंसानी फेफड़ों में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और नमी मौजूद होती है. जो किसी भी बीज को अंकुरित होने और उसे पौधे बनने के लिए पर्याप्त होता है, इसे फेफड़ों में फंसा हुआ बीज अंकुरित होना शुरू हो जाता है और वह बाद में पौधे का रूप लेने लगता है. यही प्रक्रिया Massachusetts रहने वाले 75 वर्ष के Ron Sveden नाम के व्यक्ति के फेफड़ों में भी हुआ और उनके फेफड़ों में मटर के बीज से पौधा बन गया.

अब आप यह अच्छी तरह से समझ गए होंगे कि यदि बीज पेट में चला जाए तो पेट में मौजूद हाइड्रोक्लोरिक एसिड उसे पचा लेगा, लेकिन यदि बीज फेफड़े में जाकर फस जाए तो वह आसानी से पौधा बन सकता है.