बिन ब्याहे बना बाप, फिर करनी पड़ी दो युवतियों से शादी, इस अनोखी शादी की जानें पूरी कहानी...

युवक का दो-दो युवतियों से पिछले तीन और एक वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था. इनमें से एक युवती से बिना ब्याह के ही एक बच्चा भी है. इसे लेकर कई बार विवाद भी हुआ, मामला गांव तक पहुंचा और आखिर रविवार को बंडा गांव में ग्रामीणों द्वारा सामाजिक बैठक कर इन दोनों युवतियों के साथ युवक की शादी करा दी गयी.

बिन ब्याहे बना बाप, फिर करनी पड़ी दो युवतियों से शादी, इस अनोखी शादी की जानें पूरी कहानी...

झकास न्यूज

लोहरदगा: भंडरा प्रखंड के बंडा गांव में रविवार को अनोखी शादी देखने को मिला. भंडरा प्रखंड के बंडा गांव के संदीप उरांव नामक एक युवक ने दो युवतियों के साथ विवाह किया. इस दौरान इनके बच्चे भी मौजूद थे. शादी की खबर होते ही  ये खबर जंगल में लगी आग की तरह चारों ओर फैल गया और चर्चा का विषय बन गया. लोग इस शादी को लेकर तरह तरह की बातें भी बना रहे कि आखिर कैसे एक युवक अपने बच्चे के सामने दो युवतियों की मांग में सिंदूर डालकर दो ब्याह रचाया है.

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार युवक का दो-दो युवतियों से पिछले तीन और एक वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था. इनमें से एक युवती से बिना ब्याह के ही एक बच्चा भी है. इसे लेकर कई बार विवाद भी हुआ, मामला गांव तक पहुंचा और आखिर रविवार को बंडा गांव में ग्रामीणों द्वारा सामाजिक बैठक कर इन दोनों युवतियों के साथ युवक की शादी करा दी गयी. विवाह समारोह में ग्रामीण परिजन एव युवती का बच्चा भी मौजूद थे. प्रखंड की आकाशी पंचायत के बंडा एक युवक ने दो युवतियों से विवाह किया. ग्रामीणों, माता-पिता की सहमति से ग्रामीणों ने इनकी शादी कराई. इस मौके पर इनके बच्चे भी मौजूद थे और वे उछल-कूद कर रहे थे.

कैसे शुरू हुई प्रेम कहानी

आकाशी पंचायत के बंडा पतरा टोली गांव निवासी युवक संदीप उरांव का प्रेम प्रसंग पिछले तीन वर्षों से गडरपो पंचायत के धनामुन्जी गांव निवासी कुसुम लकड़ा से चल रहा था. विवाह के पहले ही दोनों के एक बेटे भी हैं. वहीं दूसरी युवती बगड़ू के पतरातू महतो टोली निवासी स्वाति कुमारी के साथ उसी युवक का प्रेम प्रसंग एक वर्ष पहले बंगाल के ईट भट्ठा में मजदूरी करने के दौरान हुई. एक युवक के साथ दोनों युवतियों का प्रेम प्रसंग रहने के कारण कई बार विवाद हो रहा था, लेकिन पर भी मामला शांत नहीं हुआ, जिसके बाद ग्रामीणों एवं घरवालों की सहमति से दोनों युवतियों का विवाह रविवार को सामाजिक बैठक कर संदीप उरांव के साथ कराया गया. इस मौके पर गांव के कई बुद्धजीवी ग्रामीण एवं दोनों महिलाओं के परिजन भी मौजूद थे.