हर क्यों का है जवाब... क्यों गंगा जल है पवित्र? क्यों महिलाएं लगाती है सिंदूर?

हिन्दू स्त्रियां मांग में सिन्दूर क्यों लगाती है? तिलक क्यों लगायें? पीपल वृक्ष की पवित्रता का धार्मिक कारण क्या है? गाय का दूध पवित्र है तो कैसे? गंगाजल पवित्र क्यों कहा जाता है?

हर क्यों का है जवाब... क्यों गंगा जल है पवित्र? क्यों महिलाएं लगाती है सिंदूर?

झकास न्यूजः क्यों शब्द का हमारी जिंदगी में काफी रहस्य छोड़ देता है. वैसे से तो हर क्यों का कोई जवाब नहीं होता, लेकिन हम आपको आज ऐसी कई रोचक प्रश्नों का उत्तर देंगे जो आजतक आपने सुना जरूर होगा, लेकिन आपको सटीक उत्तर नहीं मिला होगा. क्या आप जानते हैं कि हिन्दू स्त्रियां मांग में सिन्दूर क्यों लगाती है? तिलक क्यों लगायें? पीपल वृक्ष की पवित्रता का धार्मिक कारण क्या है? गाय का दूध पवित्र है तो कैसे? गंगाजल पवित्र क्यों कहा जाता है?

हिन्दू स्त्रियां मांग में क्यों लगाती हैं सिंदूर?


मांग में सिंदूर लगाना सुहागिन स्त्रियों का सूचक है. हिंदू में विवाहित स्त्रियां ही मांग में सिंदूर लगाती है. कुंवारी कन्याओं और स्त्रियां के लिए सिंदूर लगाना वर्जित है. इसके अलावा सिंदूर लगाने से स्त्रियों के सौन्दर्य में भी निखार आता है. अर्थात उनकी सुंदरता बढ़ जाती है. विवाह-संस्कार के समय वर (दूल्हा), वधू (दुल्हन) के मस्तक में मंत्रोच्चार के बाद पांच या सात बार चुटकी से सिंदूर डालता है. जिसके बाद विवाह कार्य संपन्न हो जाता है. उस दिन से वह स्त्री अपने पति की दीर्घायु(लम्बी आयु) के लिए प्रतिदिन लगाती हैं. मांग में दमकता सिंदूर स्त्रियों के सुहाग का द्दोतक है.

गाय का दूध पवित्र है तो कैसे? 


पौष्टिक और सतोगुण गाय का दूध देवताओं को चढ़ाया जाता है. धर्म शास्त्रों में गो-दुग्घ को सूचि माना गया है. गाय के दूध के सेवन से संग्रहणी, शोध आदि रोग नष्ट हो जाते हैं. यह स्यूलता (मोटापा) और मेदा वृद्धि को भी दूर करता है. इसमें प्रोटीन एवम् विटामिन उचित मात्रा में गाए जाते हैं, जो बालकों के लिए अति उत्तम हैं. मां के दूध के बाद डॉक्टर बच्चों को गाय दूध पिलाने की सलाह देते हैं.

गंगाजल पवित्र क्यों कहा जाता है?


गंगा को देवताओं की नदी कहते हैं. इसके जल में कभी कीड़े नहीं पड़ते. इसका उद्गम स्थल गोमुख है. जिस कारण इसका जल पवित्र मात्रा जाता है.

दिन में सोना चाहिए या नहीं?


दिन में कदापि नहीं सोना चाहिए. आयुर्वेद के कथनानुसार दिन में सोने से आयु घटती है. केवल ग्रीष्म ऋतु में सो सकते हैं लेकिन ज्यादा देर तक नहीं. यदि रजस्वला सत्री दिन में सोती है और ऋतु काल में उसे गर्भ में रह जाए तो भविष्य में पैदा होने वाला शिशु बहुत अधिक सोने वाला होता है. 

देवता किसे कहते हैं?


जिनमें अलौकिक वस्तु देने की सामर्थ्य हो तथा जिसमें दिव्य गुण हो, वह देवता है. 

देवताओं की दाढ़ी-मूंछे क्यों होती हैं?


क्योंकि देवता सदैव युवा रहते हैं. तेजोमय आभामण्डल से आलोकित दिव्य शरीरधारी होते हैं. उन्हें वृद्धावस्था और मृत्यु नहीं आती. देवगण सदैव सोलह वर्षीय युवा दिखाई देते है.

देवता दिखाई क्यों नहीं देते हैं?


देवगण सामान्य दृष्टि से नहीं दिखाई देते. देवताओं को देखने के लिए दिव्य दृष्टि की आवश्यकता पड़ती है. महाभारत के महान धनुर्धर अर्जुन के मित्र मानव रूप में मानव रूप में भगवान श्री कृष्ण सदैव उनके साथ रहते थे. लेकिन उनके देव-रूप को देखने के लिए जब उन्होंने अर्जुन को दिव्य-दृष्टि प्रदान की तब वे भगवान श्री कृष्ण के विराट स्वरूप को देख सके. जो देवताओं के स्वरूप को देखने के अधिकार होते हैं उन्हें ही देवता दिखाई देते हैं, अन्य को नहीं.

पुण्य क्या है?
वेद विहित शुभ कार्य ही पुण्य कहे गए है. परोपकार भी पुण्य की श्रेणी में आता है.

पाप क्या है?
दूसरों को कष्ट देना, शारीरिक और मानसिक रूप में प्रताड़ित करना ही पाप है.