Agneepath Scheme: अग्निपथ से होगी अब सेना में एंट्री, जानें क्या भर्ती की प्रक्रिया, कब और कैसे करें आवेदन

सेना में भर्ती के लिए कोई और दूसरा तरीका नहीं है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की रविवार को लगातार दूसरे दिन तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद तीनों सेनाओं की साझा प्रेस वार्ता में अग्निपथ योजना को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को स्पष्ट किया गया है.

Agneepath Scheme: अग्निपथ से  होगी अब सेना में एंट्री, जानें क्या भर्ती की प्रक्रिया, कब और कैसे करें आवेदन

झकास न्यूज

अग्निपथ योजना को लेकर लगातार कई राज्यों और जिलों में विरोध जारी है. इस बीच भारतीय सेना ने स्पष्ट कर दिया कि इसे वापस लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता है. अग्निवीरों की भर्ती योजना अग्निपथ के माध्यम से ही संभव होगी. सेना में भर्ती के लिए कोई और दूसरा तरीका नहीं है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की रविवार को लगातार दूसरे दिन तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद तीनों सेनाओं की साझा प्रेस वार्ता में अग्निपथ योजना को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को स्पष्ट किया गया है.

जल्दबाजी में नहीं लिया यह फैसला

प्रतिरक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि यह कोई जल्दबाजी में फैसला नहीं लिया गया है, बल्कि सेना की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की शुरुआत तीन दशक पहले ही कर दी गई थी. इसके लिए कई कमिटियां गठित की गई थीं, जिनकी सिफारिशों के बाद ही अग्निपथ योजना को आगे बढ़ाया गया है.

हिंसा करने वालों के लिए सेना में कोई स्थान नहीं

वहीं, हिंसक आंदोलन करने वालों स्पष्ट किया कि सेना में अनुशासनहीनता के लिए कोई स्थान नहीं है. इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अग्निपथ स्कीम का रोलबैक नहीं होगा. यह कदम देश की रक्षा के लिए उठाया गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वालों के लिए अग्निवीर योजना की राह मुश्किल होने वाली है. सेना में भर्ती से पहले उन्हें यह सर्टिफिकेट देना होगा कि वह किसी तरह के प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हुए थे. इसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन की जाएगी.

1989 में हुई थी चर्चा की शुरुआत

लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा कि सेना को युवा बनाए रखने पर चर्चा की शुरुआत वर्ष 1989 में ही की गई थी. अरुण सिंह कमेटी और कारगिल रिव्यू कमेटी की सिफारिशें इसी दिशा में आईं है. सेना में सुधार की यह योजना काफी समय से लंबित थी, जिसके लिए उचित समय का इंतजार किया ज रहा था.

गहन अध्ययन के बाद लिया गया फैसला

जनरल पुरी ने कहा कि कोविड काल के दो साल में सेना को इसकी लांचिंग की तैयारियों के लिए पूरा समय मिला है. गहन अध्ययन रिपोर्ट और गंभीर विचार-विमर्श के बाद यह अवसर मिला है. इस दौरान दुनिया के दूसरे देशों की सेनाओं से भी सीखने और समझने का पूरा मौका मिला है, जहां दो से चार साल के भीतर सेना से निकलने का मौका दिया जाता है. इसके लिए वहां सेना से सेवानिवृत्ति के तीन से चार तरीके अपनाए जाते हैं.

सेना को युवा बनाने की मुहिम

अग्निपथ योजना से सेना को युवा बनाने की मुहिम को सफलता मिलेगी. सेना में भर्ती के लिए 17.5 वर्ष से 21 वर्ष के बीच के युवाओं को सेना में जवान बनने का मौका है. युवा सिपाहियों के जोश और एनसीओ (नान-कमीशंड आफिसर) के होश से सेना के हौसले बुलंद और होंगे. पुरी ने बताया कि सेना के तीनों अंगों में समय से पहले सेवानिवृत्ति लेने वालों की उम्र 35 से 38 वर्ष है.

क्‍या चाहती है हमारी सेना 

सेना की औसत उम्र वर्ष 1989 में जहां 30 वर्ष थी, वह फिलहाल 32 वर्ष है. सेना इसे घटाकर 26 वर्ष करना चाहती है. पिछले दो वर्षों के अध्ययन के बाद इस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आने वाली युवा पीढ़ी हमसे बहुत बेहतर होगी. टैंक का संचालन ड्रोन से होगा और उन्नत टेक्नोलाजी से लड़ाई जीतेंगे. आज के टाइम में बच्चे मोबाइल और कंप्यूटर से ही खेलकर बड़ा होता है. इन सारी बातों को ध्यान में रखकर की इस योजना को तैयार किया गया है. 17.5 साल का युवा 10वीं पास होगा, जिनमें 70 प्रतिशत बच्चे गांवों के होंगे.

कमतर नहीं होंगे अग्निवीर

सेना ने यहां ये स्पष्ट कर दिया कि अब सभी तरह की सेना में भर्तियां अग्निपथ योजना के तहत ही होंगी जो सेना में किसी भी स्तर से कमतर नहीं होंगे. उन्हें वे सारी सुविधाएं मुहैया होंगी, जो समान्य फौजियों को प्राप्त की जाती हैं. कुछ मामलों में इन्हें उनसे ज्यादा सुविधाएं भी दी जाएगी. सेना में बलिदान देने वाले अग्निवीरों के स्वजन को एक करोड़ रुपये मुफ्त दिए जाने का प्रावधान बनाया गया है,  जबकि सेना के सामान्य सैनिकों को इसके लिए बीमा प्रीमियम चुकाना पड़ता है. कई तरह के अतिरिक्त भत्ते भी इन्हें प्राप्त होंगे.

सुनहरा होगा भविष्‍य 

सेना में भर्ती से लेकर सेवानिवृत्ति तक सैनिकों की उम्र 21 से 25 वर्ष होगी. इनमें से लगभग 70 प्रतिशत हाई स्कूल पास होंगे, जिन्हें सेवानिवृत्ति के साथ 12वीं का प्रमाणपत्र प्राप्त होगा. इसके बाद उन्हें आगे की पढ़ाई और अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस बल, सेना के दूसरे हिस्सों में रोजगार के अलावा कारपोरेट सेक्टर में उम्दा अवसर मिलेगी.

सेनाओं ने घोषित की भर्ती योजना, 83 भर्ती रैलियों का होगा आयोजन

अग्निवीरों की भर्ती के लिए देश के कोने-कोने में कुल 83 भर्ती रैलियां आयोजित की जाएगी. देश का कोई गांव नहीं बचेगा, जहां के युवाओं को भर्ती का मौका न मिले.

वायुसेना में 24 से रजिस्ट्रेशन

एयर मार्शल एसके झा ने बताया कि 24 जून से अग्निवीरों के रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा. महीनेभर बाद 24 जुलाई को पहले चरण की आनलाइन परीक्षा कराई जाएगी. दिसंबर के अंत तक पहला बैच चुन लिया जाएगा, जिसका प्रशिक्षण 30 दिसंबर को शुरू होगा.

नौसेना दो दिन में देगी विज्ञापन

वाइस एडमिरल (कार्मिक) दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि नौसेना अगले दो दिनों के भीतर अपनी भर्तियों का विज्ञापन प्रसारित कर देगी. आनलाइन भर्ती प्रक्रिया महीनेभर में शुरू हो जाएगी. नौसेना में महिला अग्निवीरों की भी भर्ती की जाएगी. 21 नवंबर को बेसिक ट्रे¨नग के लिए ओडिशा स्थित आइएनएस चिल्का पर पहला बैच पहुंच जाएगा.

थलसेना में भर्तियों की तैयारी पूरी

थलसेना के लेफ्टिनेंट जनरल बंसी पोनप्पा ने बताया कि सोमवार को मसौदा अधिसूचना जारी कर दी जाएगी. इसके बाद विभिन्न भर्ती यूनिटें एक जुलाई से अधिसूचनाएं जारी करेंगी. उनके यहां 25 हजार रंगरूटों का पहला बैच ट्रेनिंग के लिए दिसंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में रवाना हो जाएगा.