दंगल फिल्म देखकर पंक्चर बनाने वाले युवक ने जीता गोल्ड, अब राज्य और देश का नाम करेंगे रौशन

दंगल फ़िल्म देखकर पंक्चर बनाने वाले युवक को कुश्ती में रुचि बढ़ गई. जिसके बाद उऩ्होंने मेहनत करके अब नेशनल लेवल कुश्ती चैम्पियनशिप दिल्ली तक पहुंच गए है.

दंगल फिल्म देखकर पंक्चर बनाने वाले युवक ने जीता गोल्ड, अब राज्य और देश का नाम करेंगे रौशन

चाईबासा, मनोहरपुर: हौसले बुलंद कर रास्तों पर चल दे; तुझे तेरा मुक़ाम मिल जायेगा; बढ़ कर अकेला तू पहल कर; देख कर तुझको काफिला खुद बन जायेगा. जो सफर की
शुरुआत करते हैं, वे मंजिल भी पा लेते हैं. बस, एक बार चलने का हौसला रखना जरुरी है.

क्योंकि, अच्छे इंसानों का तो रास्ते भी इन्तजार करते हैं. ये बातें मानो सैफ अंसारी और प्रकाश पांडेय के लिए कही गई हो. दरअसल अगर आप ये सुने कि कोई इंसान फिल्म देखकर गोल्ड जीत सकता है अपने राज्य और देश का नाम रौशन कर सकता है तो आपको थोड़ी आश्चर्य जरूर होगा, लेकिन चौंकिए मत आज हम वैसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे है जो वाकई काबिले तारीफ है...

जी हां दंगल फ़िल्म देखकर पंक्चर बनाने वाले युवक को कुश्ती में रुचि बढ़ गई. जिसके बाद उऩ्होंने मेहनत करके अब नेशनल लेवल कुश्ती चैम्पियनशिप दिल्ली तक पहुंच गए है. वर्ष 2018 में श्रीलंका में सेकंड साउथ एसियन में गोल्ड जीता था.

मनोहरपुर के दो कुश्ती पहलवान बिना आखाड़ा, बिना मेट समेत विभिन्न संसाधनों के बिना विगत विगत पांच सालों से मिट्टी के आखाड़ा बनाकर कुश्ती का अभ्यास कर रहे हैं. मो० सैफ अंसारी पेशे से मोटरसाईकिल और बड़े वाहनों का पंचर और टायर में हवा भरते हैं. वहीं प्रकाश पांडेय पेशे से मोटरसाइकिल मिस्त्री का काम करते हैं. दोनों युवक सुबह चार से छ बजे और फिर शाम को पांच से सात बजे तक कुश्ती का अभ्यास करते हैं.

मो० सैफ अंसारी ने बताया की दंगल फिल्म में कुश्ती को लेकर फिल्म बनाया गया है. उसी फिल्म को देखकर कुश्ती में रुचि बढ़ी. अब मो० सैफ अंसारी का नेशनल लेवल कुश्ती चैम्पियनशिप दिल्ली में 20 प्लस के 66 केजी में सेलेक्शन हुआ है. वहीं प्रकाश पांडेय का भी 20 पल्स के 100 केजी में सेलेक्शन हुआ है. मो सैफ अंसारी ने कहा की हमलोग भी ओलंपिक जा सकते हैं, लेकिन मेट और अन्य सुविधा नहीं होने के कारण हमलोग यही तक सीमित रह जा रहे है.  
   
कुश्ती पहलवान मो सैफ अंसारी व प्रकाश पांडेय दोनों सीमित संसाधनों से आपना अभ्यास करके 2018 के श्रीलंका में सेकंड साउथ एसियन में गोल्ड जीता था और आपने जिला और प्रखंड का नाम रौशन किया था. अब दोनों युवक नेशनल लेवल कुश्ती चैम्पियनशिप दिल्ली में अपनी खेल प्रतिभा दिखायेंगे.

संसाधनों की कमी के साथ अपनी खेल प्रतिभा को निखारने के प्रयास कर रहे इन दोनों खिलाड़ियों को खेल विभाग और राज्य सरकार से सुविधा मिले तो ये दोनों खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा को बेहतर करने के साथ ही राज्य और देश का नाम रोशन करने में कामयाबी हासिल करेंगे.