झारखण्ड का नया राजकीय प्रतीक और राजकीय पशु, पक्षी, वृक्ष, नृत्य और भाषा | State Animal, Flower, Tree, Bird of Jharkhand

झारखण्ड का नया राजकीय प्रतीक और राजकीय पशु, पक्षी, वृक्ष, नृत्य और भाषा | State Animal, Flower, Tree, Bird of Jharkhand

State Symbol, Animal, Flower, Tree, Bird of Jharkhand : झारखंड के इतिहास में कई सारे आंदोलन के बाद 15 नवंबर 2000 को झारखंड का 28 वा राज्य के रूप में स्थापित हुआ और इसकी राजधानी रांची को बनाया गया. हालांकि झारखंड को आज भी बहुत पिछड़ा राज्य माना जाता है, लेकिन इसके गर्व में कई खनिज और अयस्क मौजूद है, जिसके कारण इसे रत्नगर्भा के नाम से भी जाना जाता है. यहां भारत का सर्वाधिक कोयला, लोहा, यूरेनियम, तांबा, बॉक्साइट जैसे कई प्रकार के खनिजों का भंडार प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, इसी कारण झारखण्ड को भारत का रूर के नाम से भी जाना जाता है. ये झारखण्ड राज्य की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताए है.

राज्य का नाम झारखंड (Jharkhand)
झारखंड की राजधानी राँची (Ranchi)
महाभारत के काल में झारखण्ड का नाम पुंडरिक
राज्य की स्थापना दिवस 15 नवंबर 2000
झारखंड का क्षेत्रफल 79,714 वर्ग कि.मी.
झारखंड की भौगोलिक स्थिति  22° उत्तरी अक्षांश से 24°25′ उत्तरी अक्षांश
तथा 83°22′ पूर्वी देशांतर से 88°10′ पूर्वी देशांतर
झारखंड का राजकीय पशु(State Animal) हाथी
झारखंड की राजकीय पक्षी(State Bird)   कोयल
झारखंड की राजकीय फूल(State flower)   पलास
झारखंड की राजकीय वृक्ष(State Tree) साल
झारखंड का राजकीय फल (state fruit ) लीची
झारखंड के प्रथम राज्यपाल प्रभात कुमार
झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबुलाल मरांडी
झारखंड की राजव्यवस्था द्विसदनीय शासन व्यवस्था
झारखंड में कुल जिले की संख्या 24
राज्य में लोकसभा की कुल सीटें 14
राज्य में राज्‍यसभा की कुल सीटें 06
विधानसभा की कुल सीटें 82

जब झारखण्ड, बिहार से अलग होकर अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया तो, झारखंड ने भी अपना राजकीय प्रतीक और राजकीय चिन्ह को चुना. लेकिन हाल ही में झारखंड का राजकीय प्रतीक चिन्ह को बदल दिया गया है. आज हम इसी झारखंड के राजकीय प्रतीक और राजकीय चिन्ह (New state Symbol of jharkhand) के बारे में जानेंगे. इसके साथ ही झारखंड का नया Logo की क्या विशेषता है, और इसे क्यों बदला गया. आइये जानते है.

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झारखंड का नया प्रतीक चिन्ह। New Symbol Logo of Jharkhand state

15 अगस्त 2020 को झारखंड राज्य का प्रतीक चिन्ह बदल दिया गया है, इससे पहले जो झारखंड का प्रतीक चिन्ह का उपयोग किया जा रहा था. वह चार जे को मिलाकर एक स्वास्तिक चिन्ह, और उसके बीच में अशोक चक्र बना हुआ था झारखंड के पुराने राजकीय चिन्ह को अमिताभ पांडे नाम के डिजाइनर ने 2000 में डिजाइन किया था.

jharkhand ka naya pratik chinhImage source : www.livehindustan.com

लेकिन 2020 में झारखंड कैबिनेट की मंजूरी पर झारखंड का नया लोगो चिन्ह (New State Symbol of jharkhand) बदल दिया गया. झारखंड का नया राज्य चिन्ह वृत्ताकार आकार का है. इस नए प्रतीक चिन्ह में झारखंड राज्य की छवि को दिखाया गया है. आइए जानते हैं झारखंड के इस नए लोगों (Jharkhand Govt New Logo) का क्या विशेषता है आइए जानते हैं झारखंड के नए प्रतीक चिह्न की खासियत

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झारखंड के नया प्रतीक चिन्ह की क्या विशेषता है | New state Symbol of jharkhand

झारखंड राज्य के नए राजकीय प्रतीक चिन्ह में झारखंड के राजकीय पशु हाथी, राजकीय फूल पलाश, अशोक स्तंभ और चक्र विन्यास जैसे कई सारे चीजों को शामिल किया गया है. आर्थिक और विकास की दृष्टि से झारखण्ड के नए लोगो डिज़ाइन (New Logo of Jharkhand) में शामिल सभी चीजों का एक खास मतलब है.

new logo of jharkhand

  • झारखंड सरकार द्वारा जारी किए गए New Logo में सात घेरे हैं
  • पहले घेरे के बीच में अशोक स्तंभ में सत्यमेव जयते लिखा हुआ है
  • दूसरे घेरे में सफेद रंग के 60 सफेद वृत्त गोले है
  • झारखंड का नया प्रतीक चिन्ह के तीसरे घेरे में झारखंड के सौर चित्रकारी और जनजातियों की समृद्धि सांस्कृतिक से जुड़ी मानव आकृति दिखाई गई है. मानव आकृति की कुल संख्या 48 है जो 24 जोड़ी के रूप में दर्शाया गया है
  • चौथे घेरे में 24 पलाश के फूल को शामिल किया गया है. पलाश का पुष्प झारखण्ड का राजकीय पुष्प है
  • पांचवा घेरा में राजकीय पशु हाथी को दर्शाया गया है झारखंड के नए लोगों 24 हाथी है.
  • छठा घेरा में हिंदी में झारखंड सरकार और अंग्रेजी में गवर्नमेंट ऑफ झारखंड (Government of Jharkhand) लिखा गया है
  • और सातवां घेरा झारखंड राज्य का नया प्रतीक चिन्ह का अंतिम घेरा है जो पूरे Logo के विषय वस्तु को एक में समेटे हुए हैं

झारखंड का नया LOGO हमें क्या सन्देश देता है | New Logo of Jharkhand

झारखंड के इस नए प्रतीक चिन्ह में हरे रंग का उपयोग सबसे अधिक किया गया है. यह हरा रंग झारखंड की हरी-भरी प्राकृतिक को दर्शाता है, झारखंड के नए चिन्ह (jharkhand ka naya pratik chinh) में पलाश का फूल प्राकृतिक सौंदर्य को और हाथी, राज्य के ऐश्वर्या के बारे में बताता है. इस लोगों में अशोक स्तंभ को भी शामिल किया गया है, जो भारत सरकार का राष्ट्रिय प्रतीक चिन्ह है. अशोक स्तंभ झारखंड के लिए संदेश देता है, कि झारखंड भी भारत का एक अंग है, और भारत के विकास के लिए झारखंड की भागीदारी को भी प्रदर्शित करता है.

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झारखण्ड का राजकीय पुष्प क्या है | State Flower of Jharkhand

झारखण्ड का राजकीय पुष्प पलाश है. इस पलाश का वैज्ञानिक नाम ब्यूटिया मोनोस्पर्म (Butea monosperma) है. पलाश को और भी कई नाम जैसे चिचरा टेसू', 'देसुका झाड़', 'ढाक', 'पलास', 'चल्चा' और 'कांकेरी' से जाना जाता है. वही संस्कृत में पलाश को किंशुक कहा जाता है. इसके पलाश उत्तर प्रदेश का भी राजकीय फूल है. झारखण्ड का राजकीय पुष्प पलाश (state flower of jharkhand) का उपयोग होली के रंग और औषधी बनने में किया जाता है.

jharkhadn ka rajkiya phul

झारखण्ड का राजकीय पशु कौन है | State animal of Jharkhand

झारखण्ड का राजकीय पशु हाथी है, इसका वैगानिक नाम एलेफ़स मैक्सिमस (Elephas Maximus) है, यह झारखण्ड का शौर्य और समृधि का प्रतिक है. झारखण्ड के कई हिस्सों में हाथी पाया जाता है, लेकिन पिछले कुछ सालो की गणना में हाथियों की संख्या लगातार घट रही है, जो राज्य और देश के लिए चिंता का विषय बना हुआ है,

jharkhand ka rajkiy pashu

झारखण्ड का राजकीय वृक्ष क्या है | State tree of Jharkhand

साल का पेड़ झारखण्ड का राजकीय वृक्ष के रूप में जाना जाता है. साल वृक्ष का वानास्पतिक नाम Shorea robusta (शोरिया रोबुस्टा) है यह अर्ध-पर्णपाती और द्विबीजपत्री और पुरे वर्ष उगने वाला वृक्ष है. हिंदी में इसे शालसार, साल, साखू, सखुआ और संस्कृत में इसे अश्वकर्ण, साल, कार्श्य , धूपवृक्ष , सर्ज आदि नामो से जाता है. शाल के बीज, बीज का तेल, तने का छाल, पत्ता, फूल और कांडसार का उपयोग आयुर्वेद औषधि के रूप में किया जाता है.

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झारखण्ड का राजकीय पक्षी कौन है | State bird of Jharkhand

कोयल को झारखण्ड का राजकीय पक्षी कहा जाता है. कोयल का वैज्ञानिक नाम यूडाइनेमिस स्कोलोपेकस (eudainemis scolopecus) है. यह सर्वाहारी जीवों की श्रेणी वाला पक्षी है, बसंत ऋतू के समय कोयल कूकती है. इस कोयल की एक बहुत ही विचित्र विशेषता है की यह अपना अंडा कौए के घोसले में देती है, और खुद का घोसला कभी नहीं बनती.

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झारखण्ड का राजकीय नृत्य क्या है | State dance of Jharkhand

झारखण्ड का राजकीय नृत्य झूमर को कहा जाता है, झूमर झारखंड की संस्कृति की पहचान है. यह महिला प्रधान सामूहिक नृत्य है, इसलिए इसे मरदानी झूमर भी कहते है, इस नृत्य में महिलाये एक दुसरे के हाथ में हाथ डालकर कदम को मिलते हुए वृताकार पथ पर झूमती हुए आगे बढती है. यह नृत्य झारखण्ड के लगभग सभी त्योहारों और शादी व्याह के अवसरों पर देखने को मिल जाती है. कभी कभी पुरुष भी इस नृत्य का आनंद ले लेते है.

झारखण्ड का राजकीय नृत्य क्या है | State dance of Jharkhand

झारखण्ड का राजकीय भाषा क्या है | State language of Jharkhand

हिंदी को झारखण्ड का राजकीय भाषा का दर्जा प्राप्त है, हिंदी और भी कई राज्यों की राजकीय भाषा है. हिंदी की उत्त्पति के आधार पर इसे इंडो-आर्य समूह के भाषा के समूह में रखा गया है. हिंदी को देवनागरी (ब्राह्मी) में लिखा जाता है, यह भारत के राज्यों के अलावे और भी कई देशो जैसे पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, बंगलादेश के कुछ हिस्सों में भी बोली जाती है.

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अगर हम झारखण्ड राज्य का विस्तार और इसके इतिहास को देखे तो हमें इसके बारे में ऐसी कई बाते जानने को मिलेगी, यह पोस्ट झारखंड की राजकीय प्रतीक चिन्ह (State Symbol or New Logo of Jharkhand) और इस झारखंड की राजकीय पशु, पक्षी, पेड़, नृत्य, और भाषा के बारे में आपको विस्तार से बहुत कुछ सिखाएगी.