राजगीर (Rajgir) बिहार का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल

राजगीर में चीन की तर्ज पर ग्लास ब्रिज बना है. राजगीर के स्वर्णगिरि औऱ वैभवगिरि पर्वत के बीच 480 एकड़ भूमि पर जू सफारी है. पांच पहाड़ियों की खूबसूरत वादियों के बीच बसा राजगीर पर्यटन के लिहाज से काफी मुफीद ठिकाना है.

राजगीर (Rajgir) बिहार का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल

बिहार: राजगीर बिहार का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थल है...पांच पहाड़ियों की खूबसूरत वादियों के बीच बसा राजगीर पर्यटन के लिहाज से काफी मुफीद ठिकाना है...यहां हिंदू, जैन औऱ बौद्ध तीनों धर्म के धार्मिक स्थल मौजूद हैं..यहां प्रकृति के सानिध्य व रोमांच का पूरा पैकेज है...परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का बिहर में सबसे बेहतर विक्लप राजगीर है. यहां आने पर आपको इंटरनेशनल डेस्टीनेशन जैसा मजा आएगा..

ग्लास ब्रिज (Glass Bridge)


राजगीर में चीन की तर्ज पर ग्लास ब्रिज बना है...यह ब्रिज सैलानियों की पहली पसंद है..200 फीट ऊंचे, 85 फीट लंबे और 6 फीट चौड़ा है..इस ब्रिज पर चलते हुए अपने कदमों के नीचे की धरनी औऱ दूर दूर तक खूबसूरत नजरों का लुत्फ उठा पाएंगे..ग्लास ब्रिज से पहाड़ की खूबसूरत वादियां औऱ मनमोहक लगती है.

नेचर सफारी (Nature Safari)


राजगीर के स्वर्णगिरि औऱ वैभवगिरि पर्वत के बीच 480 एकड़ भूमि पर जू सफारी है..जहां पर्यटन खुले में घूमते हुए जंगली जानवर, शेर, बाघ, हाथी भालू का दीदार करेंगे..नेचर सफाई नालंदा से गया जे जेठियन जाने वाले मार्ग के बीच है..जो राजगीर शहर से करीब 10 किमी पड़ता है.ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान बुद्ध इसी मार्ग से बोधगया से राजगीर आए थे, आज भी हर साल बुद्ध पुर्णिमा के मौके पर देश विदेश के बौद्ध धर्मावलंबी इस पथ से पैदल यात्रा करते हैं.

शांति स्तूप (Shanti Stupa)


राजगीर में पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में एक है शांति स्तूप. इस स्तूप को विश्व शांति स्तूप के नाम से भी जाना जाता है. कहा जाता है कि इस शांति स्तूप का निर्माण जापानियों द्वारा करवाया गया था. भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के कई साल इसी स्थान पर आध्यात्मिक उपदेश देते हुए बिताए थे.

साइक्लोपियन दीवार (Cyclopean Wall)


साइक्लोपियन दीवार पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है...कहा जाता है कि करीब 2500 साल पुरानी साइक्लोपियन दीवार पूरे राजगीर शहर को घेरती है. यानि एक किले में तब्दील करती है..मौर्य शासनकाल में इसका निर्माण दुश्मनों की रक्षा करने के लिए किया गया था, इस दीवार की बनावट ही सैलानियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र है.

वीरयातन संग्रहालय (Veerayatan Museum)


राजगीर में मौजूद जैन धर्म अनुयायी के साथ-साथ सैलानियों के लिए सबसे प्रमुख स्थानों में एक है वीरयातन संग्रहालय. कहा जाता है कि 24 जैन तीर्थकारों के बारे में औऱ इतिहास से जुड़े काई प्राचीन चीजों को इस संग्रहालय में रखी गई है..अगर आप जैन धर्म के इतिहस के बारे में जानना चाहते हैं तो आपकों इस जगह की यात्रा में जरूर शामिल करना चाहिए, 

भीम और जरासंध के बीच हुई थी कुश्ती
राजगीर का संबंध द्वापर काल से है. आपने महाभारत में भीम और जरासंध की लड़ाई के बारे में जरूर सुना होगा, मगध के शासक जरासंध की राजधानी राजगीर ही थी, भीम और जरासंध के बीच जिस अखाड़े में कुश्ती हुई थी वह आज भी राजगीर में मौजूद है. भीम और जरासंध के बीच 18 दिनों का मल्लयुद्ध हुओआ था. भगवान श्रीकृष्ण की कूटनीति से जरासंध मारा गया था. राजगीर में हर 3 साल के बाद मलमास मेला लगता है, देश दुनिया के श्रद्धालु यहां प्रवास करते हैं और गर्म कुंडों में स्नान कर पाप से मुक्ति की कामना करते हैं.

राजीगर में कुल 22 कुंड और 52 धाराएं
राजगीर में कुल 22 कुंड और 52 धाराएं मौजूद हैं, जो इस स्थान की खूबसूरत को कई गुणा बढ़ा देती हैं. राजगीर के 22 कुंडों में ब्रह्माकुंड,  सप्तधारा, व्यास, अनंत, मार्कंडेय, गंगा-यमुना, काशी, सूर्य, चंद्रमा, सीता, राम-लक्ष्मण, गणेश, अहिल्या, नानक, मखदुम, सरस्वती, अग्निधारा, गोदावरी, वैतरणी, दुखहरनी, भरत औऱ शालीग्राम कुंड शामिल है..सभी 22 कुंडों के पानी को पवित्र और औषधीय गुणों से युक्त माना जाता है, यहां आने वाले लोग इन कुंडों में स्नान करते हैं.

राजगीर के दर्शनीय स्थल (Rajgir Attractions)
राजगीर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में विश्व शांति स्तूप, सोना भंडार, जरासंध का अखाड़ा, बिंबिसार की जेल, नौलखा मंदिर, जापानी मंदिर, बाबा सिद्धनाथ मंदिर, जैन मंदिर, गृद्घटकूट पर्वत, लाल मंदिर, घोड़ा कटोरा डैम, वेणुवन, सुरक्षा दीवार, जेठियन बुद्ध पथ, सप्तवर्णी गुफा समेत कई दर्शनीय स्थल है.

कैसे पहुंचे राजगीर (How to reach Rajgir)
सड़क मार्ग से राजगीर पहुंचने के लिए पटना, गया, रांची से बस सेवा उपलब्ध है, इसके अलावा बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम अपने पटना स्थित कार्यालय से नालंदा और राजगीर के लिए टूरिस्ट बस एवं टैक्सी सेवा भी उपलब्ध करवात है.. वहीं रेल मार्ग के लिए पटना एवं दिल्ली से सीधी रेल सेवा यात्रियों के लिए उपलब्ध है..हवाईमार्ग से राजगीर जाने के लिए सबसे निकटतम हवाई अड्डा पटना है जो करीब 107 किली की दूरी पर है..