हेमंत सोरेन ने कहा - बुजुर्गों को पेंशन नहीं तो अफसर भी नौकरी पर नहीं रहेंगे

jharkhadn news hindi: भोले बाबा की नगरी देवघर में सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रोजगार सृजन योजना में भाग लिया. इस कार्यक्रम का आयोजन केकेएन स्टेडियम मैं किया गया था जहां उन्होंने लाभुकों के बीच ऋण का वितरण किया. और साथ ही साथ कई और भी योजनाओं पर भाषण भी दिया.

हेमंत सोरेन ने कहा - बुजुर्गों को पेंशन नहीं तो अफसर भी नौकरी पर नहीं रहेंगे

jharkhadn news hindi: भोले बाबा की नगरी देवघर में सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रोजगार सृजन योजना में भाग लिया. इस कार्यक्रम का आयोजन केकेएन स्टेडियम मैं किया गया था जहां उन्होंने लाभुकों के बीच ऋण का वितरण किया. और साथ ही साथ कई और भी योजनाओं पर भाषण भी दिया.

बाबा नगरी देवघर पहुंचते हैं मुख्यमंत्री ने बाबा के मंदिर का दर्शन किया, और इसके बाद रोजगार सृजन योजना के तहत 779 लाभुकों के बीच 4.58 करोड़ रुपए का ऋण का वितरण किया. उन्होंने कई सरकारी ऑफिसर को बुजुर्गों को मिलने वाले पेंशन पर ध्यान देते हुए, ऑफिसर को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि, बुजुर्गों को पेंशन नहीं दी तो वे नौकरी पर नहीं रहेंगे.

रोजगार सृजन योजना कार्यक्रम के तहत उन्होंने देवघर में बनने वाले नए एयरपोर्ट के बारे में कहां के देवघर में बनने वाला यह इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन वह बहुत ही जल्द करेंगे इससे यहां के रोजगार और अर्थव्यवस्था को एक अलग ही आया मिलेगा, लोगों को रोजगार दी जाएगी क्योंकि यह एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट है इसलिए यहां भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों की भी हवाई जहाज का आवागमन होगा जिसे झारखंड और केंद्र सरकार की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के बारे में तर्क वितर्क करते हुए कहा कि, काफी संघर्ष के बाद झारखंड के आदिवासियों की सरकार बनी है. और जब यह सरकार बनी तब देखा गया कि पूरा खजाना खा लिया. उन्होंने सीधा निशाना बीजेपी पर साधते हुए कहा कि हेमंत सरकार कोरोनावायरस महामारी से निपटने के लिए काफी प्रयास कर रही थी और अभी भी कर रही है. लेकिन कुछ संवैधानिक एजेंसियां उनके पीछे हाथ धोकर पड़ी है और उन्हें परेशान कर रही है लेकिन हेमंत सरकार को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है सरकार अपना काम करती ही रहेगी.

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड में पड़ी खनिज संपदा के महत्व को बताते हुए कहा कि, हमारे झारखंड प्रदेश में खनिज संपदा की कोई कमी नहीं है फिर भी हमारे राज्य की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में काफी बिगड़ी हुई है. झारखंड राज्य का 36 हजार करोड़ केंद्र सरकार पर ऋण के रूप बकाया है और हम यह पैसे लेकर ही रहेंगे. और इस पैसों से झारखंड का विकास संभव हो सकेगा

मुख्यमंत्री ने, देवघर में लगने वाले श्रावणी मेला के विषय पर भी बात की और कहा कि कोरोनावायरस के कारण पिछले 2 सालों से इस मेले का आयोजन नहीं किया गया है. लेकिन इस 2 साल के इंतजार के बाद इस साल श्रावणी मेला का आयोजन किया जाएगा. चुकी कोविड-19 का संक्रमण अभी भी खत्म नहीं हुआ है, इसलिए उन्होंने इस मेले के आयोजन से संबंधित कुछ गाइडलाइन जारी करेंगे और इसके बाद ही इस मेले का आयोजन किया जाएगा.