जानिए कौन हैं राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह JDU का अध्यक्ष बनने से पहले संभाल चुके हैं ये पद

राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह जिन्होंने छात्र राजनीति से शुरुआत करते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक की कुर्सी हासिल की.

जानिए कौन हैं राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह JDU का अध्यक्ष बनने से पहले संभाल चुके हैं ये पद

ललन सिंह पर नीतीश कुमार ने भरोसा जताते हुए  'तीर' की कमान सौंपी है. इनके पास सरकार और संगठन दोनों के लिए काम करने का अनुभव है. तो आइए जानते हैं कौन हैं  राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह जिन्होंने छात्र राजनीति से शुरुआत करते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक की कुर्सी हासिल की. दरअसल ललन सिंह का जन्म 24 जनवरी 1955 को पटना में हुआ था. इनके पिता कानाम ज्वाला प्रसाद सिंह और माता का नाम कौशल्या देवी है. इनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई पटना में हुए फिर वे आगे की पढ़ाई के लिए भागलपुर चले गए जहां उन्होंने भागलपुर विश्विविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की. नीतीश कुमार और लालू यादव की तरह ही ललन सिंह ने भी जेपी आंदोलन से अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी. ये बात कम ही लोग जानते हैं कि नीतीश कुमार और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह क्लासमेट भी रह चुके हैं. कॉलेज के दिनों में ललन सिंह कालेज छात्र संघ के महासचिव रह चुके हैं. 

नीतीश कुमार के नजदीक आने के बाद ललन सिंह लागातार उनके साथ काम करते रहे और पार्टी और संगठन के लिए लगातार सक्रिय रहे. राजनीति में मुखर वक्ता के तौर पर पहचान बनाने वाले ललन सिंह अप्रैल 2000 में राज्यसभा सांसद बने. इसके बाद जेडीयू ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मदारी सौंपी. वे दिसंबर 2005 से लेकर फरवरी 2010 तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे. ललन सिंह साल 2004, 2009 और 2019 में तीसरी बार मुंगेर से लोकसभा सांसद हैं. हालांकि 2014 में वे बिहार विधान परिषद के लिए भी मनोनीत हो चुके हैं. 2019 में सांसद बनने से पहले तक वे विधान पार्षद ही थे. बिहार में जीतन राम मांझी के कैबिनेट में 2014 में पहली बार पथ निर्माण मंत्री बने थे. इसके बाद 2015 में महागठबंधन सरकार में भी वे जल संसाधन मंत्री रह चुके हैं.  

साल 200 9 में ललन सिंह ने कुछ समय के लिए जेडीयू से नाता तोड़ लिया था. दरअसल 2009 में ललन सिंह के ऊपर पार्टी फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप लगा था इसके बाद ललन सिंह ने नीतीश कुमार से दूरी बनाते हुए पार्टी छोड़ दी थी. हालांकि कुछ समय बाद नीतीश कुमार और ललन सिंह के बीच सुलह हो गई. इधर जब से बिहार की सत्ता में नीतीश कुमार की एंट्री हुई है तब से ही ललन सिंह उनके प्रमुख रणनीतिकार बने रहे हैं. नीतीश कुमार और ललन सिंह की करीबी को लेकर कई तरह की बातें भी हुईं लेकिन दोनों के बीच बेहतर तालमेल बरकरार रहा. नीतीश कुमार के साथ मजबूत संबंधों के बल पर ही जेडीयू में ललन सिंह नीतीश कुमार के बाद सबसे ताकतवर नेता बने.