रांची का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जगन्नाथ मंदिर | Jagannath Temple Ranchi Timings, Entry Fees, Location

Jagarnath Temple Ranchi दिखने में जितना खूबसूरत है 328 साल पुराना रांची का यह अद्भुत और विचित्र मंदिर क्यों अपने आप में खास है इसके पीछे बहुत ही रोचक कहानी है, अगर आप झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जगन्नाथपुर मंदिर में दर्शन करने आना चाहते है, तो Jagannath Temple Ranchi Timings, Entry Fees, Location जरूर पता होनी चाहिए.

रांची का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जगन्नाथ मंदिर | Jagannath Temple Ranchi Timings, Entry Fees, Location

jagannath temple ranchi news : दोस्तों, झारखंड में मलूटी को मंदिरों का गांव और देवघर को मंदिरों का शहर कहा जाता है, इसके अलावे, गुमला स्थित आंजन धाम को भगवान हनुमान जी का जन्म स्थान माना जाता है. इसका मतलब यह है की आस्था और धर्म की दृष्टि से झारखंड पूरी तरह परिपूर्ण है, यांनी झारखंड में मंदिरों और धार्मिक स्थल की कोई कमी नहीं है. झारखंड में कई ऐसे धार्मिक स्थल है जो पूरे भारतवर्ष में अपनी अलग पहचान रखता है आज हम एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बात करेंगे जो झारखण्ड के रांची का सबसे सुंदर मंदिर है. कलिंग शैली की वास्तुकला के आधार पर बही इस मंदिर को रांची में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के नाम से जानते है. इसमें हम जानेगे

  • जगन्नाथ मंदिर रांची के खुलने का समय
  • रांची जगन्नाथ मंदिर कैसे पहुंचे
  • रांची जगन्नाथ मंदिर के निकट पर्यटन स्थल
  • रांची के जगन्नाथपुर मंदिर इतिहास
  • रांची जगन्नाथ मंदिर का निर्माण क्यों कराया गया

Jagannath Temple Ranchi Timings, Entry Fees, Location

Jagarnath Temple Ranchi दिखने में जितना खूबसूरत है 328 साल पुराना रांची का यह अद्भुत और विचित्र मंदिर क्यों अपने आप में खास है इसके पीछे बहुत ही रोचक कहानी है, अगर आप झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जगन्नाथपुर मंदिर में दर्शन करने आना चाहते है, तो Jagannath Temple Ranchi Timings, Entry Fees, Location जरूर पता होनी चाहिए.

साथ ही अगर आपको जगन्नाथपुर मंदिर का इतिहास (jagannath temple ranchi history in hindi) पता होगा तो शायद आप इस मंदिर में आकर आप खुद को गौरवान्वित महशुश कर सकते है. आइये जानते है - जगन्नाथ मंदिर, राँची के इस पर्यटन स्थल तक कैसे पहुंचे, समय, वास्तुकला और प्रवेश शुल्क.

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जगन्नाथ मंदिर रांची के खुलने का समय | Jagannath Temple Ranchi opening hours

जगन्नाथ मंदिर रांची के खुलने का समय और पूजा अर्चना का समय निम्न रूप से निर्धारित है, यागर आप इस मंदिर में जाने वाले है तो Jagannath Temple Ranchi opening hours के बारे में आपको जरूर पता होने चाहिए.

जगन्नाथ मंदिर रांची के खुलने का समय सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
पुनः शाम को 3:00 बजे मंदिर खुलता
शाम की आरती होने के बाद मंदिर 7:00 बजे बंद

जगन्नाथ मंदिर रांची में कैसे पहुंचे | How to reach Jagannath Temple Ranchi ?

जगन्नाथ मंदिर रांची में पहुचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा, निकटतम रेलवे स्टेशन और रोड मार्ग मौजूद है, जो आपको सीधे मंदिर के द्वारा तक जा सकते है और भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सकते है. Ranchi Jagarnath Temple से 10 किलोमीटर के radius में आपको सभी प्रकार की Transportation की सुविधाए मिल जाती है.

जगन्नाथ मंदिर रांची में कैसे पहुंचे निकटतम हवाई अड्डा: बिरसा मुंडा इंटरनेशनल (हवाई अड्डे से मंदिर की दूरी लगभग 6 किलोमीटर)
निकटतम रेलवे स्टेशन: हटिया रेलवे स्टेशन (रेलवे स्टेशन से जगन्नाथ मंदिर की दूरी 5 किलोमीटर)
रोड मार्ग: यहाँ पहुचने के लिए कई सारे सड़क मार्ग सीधे मंदिर तक जाते है, इसके लिए रोडवेज, बस या ऑटो जैसी सभी व्यवस्था उपलब्ध है. 

Jagannath Temple Ranchi opening hours

रांची जगन्नाथ मंदिर के निकट पर्यटन स्थल | Famous Places near ranchi Jagannath Temple

यदि आप रांची के जगन्नाथ मंदिर घुमाने आ रहे है, तो यहाँ आस पास में और भी कई Tourist place है, मंदिर बंद होने के बाद या दर्शन करने के बाद आप रांची जगन्नाथ मंदिर के निकट पार्क और झील जैसे पर्यटन स्थल घूम सकते है.

Famous Places near Ranchi Jagannath Temple Distance From temple
पहाड़ी मंदिर रांची जगन्नाथ मंदिर से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी
कृष्णा पार्क
सूर्य मंदिर रांची जगन्नाथ मंदिर से सूर्य मंदिर की दूरी लगभग 10 किलोमीटर
रॉक गार्डन रांची जगन्नाथ मंदिर से रॉक गार्डन की दूरी लगभग 14 किलोमीटर
रांची झील जगन्नाथ मंदिर से रांची झील की दूरी लगभग 11 किलोमीटर
बिरसा प्राणी उद्यान रांची जगन्नाथ मंदिर से लगभग 43 किलोमीटर

रांची के जगन्नाथपुर मंदिर का इतिहास | jagannath temple ranchi history in hindi

रांची का जगन्नाथ मंदिर का इतिहास 328 वर्ष से भी पुराना है. इस मंदिर का निर्माण आज से करीब 328 साल पहले नागवंशी राजा ठाकुर एनी नाथ शाहदेव के द्वारा 1691 में करवाया गया था. यह मंदिर झारखंड के रांची में धुर्वा क्षेत्र में स्थित है. इस मंदिर के निर्माण की वास्तुकला पुरी के जगन्नाथ पुरी मंदिर से ली गई है. जब राजा एनी नाथ शाहदेव ने इस मंदिर को बनवाया, तब उन्होंने सभी धर्म के लोगों को इस मंदिर की व्यवस्था और रख रखाव की जिम्मेदारी सभी जाती के हर वर्ग के लोगो को दी.

मंदिर का निर्माण जिस पहाड़ की चोटी पर करवाया गया है उसकी ऊंचाई लगभग 80 से 90 किलोमीटर है. इसकी व्यवस्था ऐसी बनाई गई है की कार और बाइक लेकर सीधे मंदिर तक पहुंचा जा सकता है. पुरी में स्थित जगन्नाथपुर मंदिर की तरह ही रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में भी आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष द्वितीय के दिन रथ यात्रा निकाली जाती है.

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रांची जगन्नाथ मंदिर का निर्माण क्यों कराया गया | History of Ranchi Jagannath Temple hindi

Jagannath Temple Ranchi History In Hindi: रांची के इस प्रसिद्ध जगन्नाथपुर मंदिर के निर्माण और इसके इतिहास से जुड़ी रोचक कहानी जानते हैं. 17वीं शताब्दी के आसपास रांची के इस जगह को बड़कागढ़ कहा जाता था, उस समय यहां के राजा एनी नाथ शाहदेव हुआ करते थे. नागवंशी राजा एनी नाथ शाहदेव के मन में भगवान जगन्नाथ को लेकर बहुत श्रद्धा थी, इसलिए उन्होंने अपने सेवको के साथ भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी (ओड़िशा) गए.

पुरी (ओड़िशा) में जगन्नाथ के दर्शन करने के बाद, राजा और इनके सेवको के मन में अपार भक्ति जग गई. और वह भगवान जगन्नाथ के भक्त बन गए, उसके सेवक जगन्नाथ के दर्शन पाने के लिए कई दिनों तक भूखे रहकर उपासना करने लगे. उपासना करते करते एक रात एक सेवक भूख से व्याकुल हो उठा और उन्होंने प्रभु से प्रार्थना की, कि भगवान जगन्नाथ उनका भूख शांत करें, तभी भगवान जगन्नाथ ने उनकी प्रार्थना सुन ली और भोग से भरी थाली उनके सामने लाकर रख दिया.

 Jagannath Temple Ranchi History In Hindi

सभी सेवक भगवान के इस रूप को पहचान नहीं पाए, और सभी ने भोग अगर अपना भूख शांत करके सो गए, जब सुबह हुआ तो राजा एनी नाथ शाहदेव के सेवक ने उन्हें यह सब बातें बताई. ठीक उसी रात राजा के सपने में जगन्नाथ भगवान आए और राजा से कहा कि वह अपना गढ़ वापस लौट जाएं और अपने गढ़ में ही एक गर्भ ग्रह और मंदिर की स्थापना करें और भगवान जगरनाथ की पूजा शुरू करें.

एनी नाथ शाहदेव के द्वारा पुरी से वापस लौटने के बाद मंदिर की निर्माण प्रक्रिया शुरू करावा दिया गया. उन्होंने पुरी के जगन्नाथ मंदिर से ही मिलते जुलते वास्तुकला के आधार पर ही रांची के इस मंदिर का निर्माण करवाया. और 25 दिसंबर 1691 को रांची का जगन्नाथपुर मंदिर बनकर तैयार हो गया इस मंदिर की शिल्प शैली संस्कृति और मंदिर का डिज़ाइन सब कुछ पूरी का जगन्नाथपुर मंदिर से मेल खाता है.

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अंग्रेजो ने रांची जगन्नाथ पुर मंदिर की जमींन पर किया था कब्ज़ा

अगर जगन्नाथपुर मंदिर का इतिहास का एक और पन्ना पलट कर देखा जाए, तो 1857 की क्रांति के दौरान एनी नाथ शाहदेव के वंशज ठाकुर विश्वनाथ सहदेव ने 1857 की क्रांति में भाग लिया, तब इनके विरुद्ध ब्रिटिश सरकार ने उनके रियासत की 84 गांव पर अपना कब्जा जमा लिया. इन 84 गांव में मंदिर की भी जमीन थी, लेकिन बाद में बैकुंठ नाथ तिवारी (जो इस मंदिर के सबसे प्रमुख थे), उन्होंने ब्रिटिश सरकार से इस मंदिर की जमीन लौटाने के लिए कहा. यह Jagannath Temple Ranchi की History का एक भाग है.

History of Ranchi Jagannath Temple hindi

पुजारी बैकुंठ नाथ तिवारी के इस बात को ब्रिटिश सरकार ने मंजूर कर, जगन्नाथपुर मंदिर वाला गांव उन्हें वापस लौटा दिया. उस समय इस मंदिर के पास 859 एकड़ जमीन थी, लेकिन कुछ साल पहले के आंकड़ों के अनुसार अभी मंदिर के पास 41 एकड़ और 27 डिसमिल ही जमीन बची है.

ठाकुर एनी नाथ शाहदेव ने मंदिर के रख-रखाव के लिए तीन गांव जगन्नाथपुर, आमी और भुसु की जमीन मंदिर को दान में दी थी। हाल के दिनों तक मंदिर का प्रबंधन राजपरिवार के द्वारा ही होता था। लेकिन 1979 में मंदिर को ट्रस्ट बनाया गया और इसका प्रबंधन ट्रस्ट के अधीन कर दिया गया। मंदिर के इस ट्रस्ट में राजपरिवार के वंशज भी सदस्य हैं।

ठाकुर एनी नाथ शाहदेव ने हर धर्म को इस मंदिर से जोड़ा

झारखंड स्थित रांची के इस प्रसिद्ध मंदिर के रख-रखा और पूजा के लिए ठाकुर एनी नाथ शाहदेव के द्वारा ही एक सुदृढ़ व्यवस्था बनाई गई थी, उन्होंने हर धर्म और हर जाति वर्ग के लोगों को इस मंदिर की व्यवस्था से जोड़ा. उन्होंने हर जाति के वर्ग को पूजा और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई और यह परंपरा आज भी चलती आ रही है.

उरांव जाति के परिवार को मंदिर की घंटी, तेल और भोग के लिए प्रसाद देने की जिम्मेदारी सौंपी गई. मुंडा जाती वर्ग के को मंदिर पर झंडा फहराने, पगड़ी देने और वार्षिक पूजा रथ यात्रा की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके बाद रजवार और अहीर जाति के लोगों को नाथ भगवान को मुख्य मंदिर से गर्भ ग्रह तक ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई. बढ़ई और लोहार वर्ग के परिवार रथ की मरम्मत करने का कार्य करते है. और कुम्हार जाति वर्ग के लोग मिट्टी के बर्तनों की व्यवस्था करते हैं.

ranchi rath yatra

image: indiatvnews

जगन्नाथपुर मंदिर के इस रखरखाव और देखभाल की व्यवस्था के पीछे एनी नाथ शाहदेव का एक ही उद्देश्य था कि सभी जाति को एकजुट करके इस परंपरा को आगे बढ़ाएं. राजा के द्वारा बनाई गई इस व्यवस्था के अनुसार सभी जाति अपने अपने जिम्मेदारियों का निर्वहन आज तक करती आ रही है.

झारखण्ड के जगन्नाथ मंदिर की रथ यात्रा कैसे मनाया जाता है.

पुरी में स्थित जगन्नाथपुर मंदिर की तरह ही रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में भी आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष द्वितीय के दिन रथ यात्रा निकाली जाती है. इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ गुंडिचा मंदिर यांनी मौसीबाड़ी जाते है. मान्यताओ के अनुसार गुंडिचा मंदिर, भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर है. मौसीबाड़ी में भगवान नौ दिन तक रहते है और इसके बाद अपने धाम लौट आते है.

जगन्नाथ रथ यात्रा क्यों मनाई जाती है?

रांची के जगन्नाथ मंदिर के समीप ही गुडिचा देवी यांनी मौसीबाड़ी मंदिर का भी निर्माण कराया गया है. कृष्णावतार के अनुसार भगवान विष्णु से उनकी बहन सुभद्रा कहती है, की आपकी पूजा तो हर कोई करता है, लेकिन मेरी और भैया बलराम की भी पूजा होनी चाहिए. इतन सुनने के बाद विष्णु जी ने कहा, कलयुग में जगन्नाथ रूप में मेरे साथ भैया बलराम और तुम्हारी भी पूजा होगी, और इसी मान्यता के अनुसार जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ के साथ भाई बलराम और बहन सुभद्रा की भी पूजा होती है।

जगन्नाथ रथ यात्रा क्यों मनाई जाती है?

रांची का जगन्नाथपुर मंदिर का आर्थिक महत्व

रांची के रथ मेले मेले में झारखंड के अलावा पूरे भारतवर्ष से लोग इस परंपरा में शामिल होने आते हैं, रांची स्थित इस जगन्नाथपुर मंदिर में लगाने वाले इस मेले में कई ऐसे पुरानी चीजें और वास्तुकला देखने को मिलती है, जो सबसे अनोखे होते हैं. बाहरी राज्य के कई कारीगर अपनी हस्तशिल्प कला और घरेलू सामान बेचने इस मेले में आते हैं. कई सारी वैसी पारंपरिक चीजें और वस्तु इस मेले में देखने और खरीदने को मिल जाती है, जो आमतौर पर बहार के बाजारों में नहीं मिलती है.

अगर आप रांची का जगन्नाथ मंदिर (jagannath temple of ranchi) जाने की सोच रहे है तो यह पोस्ट आपको रांची के जगन्नाथपुर मंदिर के बारे में विस्तृत जानकारी देता है, जैसे- Jagannath Temple Ranchi Timings, Entry Fees, Location इत्यादि. यदि आपको झारखण्ड का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रांची के जगन्नाथपुर मंदिर रोचक इतिहास (jagannath temple ranchi history in hindi) कैसा लगा हमें कमेंट में बताये.