तालिबान से भी खतरनाक है चीन का कानून.

चीन की वामपंथी सरकार ने अपने नागरिकों के उपर ऐसे कठोर कानून लागू कर दिये हैं जो शरिया कानून से भी ज्यादा कड़े हैं। चीन की सरकार अब ये तय कर रही है कि आप कौन सी फिल्म देखेंगे, कैसे कपड़े पहनेंगे और आपके बच्चे क्या क्या पढ़ेंगे।

तालिबान से भी खतरनाक है चीन का कानून.

तालिबानी जाहिलों के शरिया कानून को छोड़िये। चलिए चीन जहां लग चुका है एक नए तरीके का समाजवादी, वामपंथी शरिया कानून। चीन में अब कुछ भी बोलना, देखना और सुनना मना है। चीन की वामपंथी सरकार ने अपने नागरिकों के उपर ऐसे कठोर कानून लागू कर दिये हैं जो शरिया कानून से भी ज्यादा कड़े हैं। चीन की सरकार अब ये तय कर रही है कि आप कौन सी फिल्म देखेंगे, कैसे कपड़े पहनेंगे और आपके बच्चे क्या क्या पढ़ेंगे। चीन ने हाल में ही टेक कंपनियों, कोचिंग सेंटर्स और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को अपने पूरे कंट्रोल में ले लिया है। चीनी सरकार का कहना है कि इससे उनके बच्चे बिगड़ रहे हैं इससे उनके देश को खतरा पैदा हो गया है। भले ही चीन की आर्थिक हालत इन कंपनियों के शेयर मार्केट में गिरने से खास्ता हो रही है लेकिन चीन ने ये तय कर लिया है कि वो अपनी जनता के देखने सुनने और बोलने की आजादी पर पूरी तरह से अंकुश लगा कर रहेगा। 

रिएलिटी शोज पर प्रतिबंध
चीन ने अभी हाल में ही कई रिएलीटी शोज़ पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। आप रोज़ इंडियन आइडल, डांस इंडिया डांस देखते हैं, लेकिन चीन की जनता ऐसे शोज़ अब नहीं देख पाएगी । इसके अलावा चीन ने अपने बच्चों के वीडियो गेम्स खेलने पर भी रोक लगा दी है और कहा है कि वो ये तय करेगी कि चीनी बच्चा कितने देर तक मोबाइल पर विडियो गेम्स खेलेगा। 

एक्टर्स की फीस सरकार तय करेगी
चीन ने अपने देश की फिल्म इंडस्ट्री पर भी चाबुक चलाना शुरु कर दिया है। वहां के एक्टर्स की फीस भी अब चीनी सरकार ही तय करेगी। चीन ने ऐसा इसलिए किया है कि इन एक्टर्स के प्रभाव में वहां के बच्चे आजादी के राग कहीं न सीख जाएं। चीन ने कई बड़े अभिनेताओं झांग यिमोओ, जिया झांगके और टैंग  वेई पर बैन लगा दिया है।

जनता वही देखेगी जो सरकार दिखाएगी
चीन ऐसा इसलिए कर रहा है कि पिछले तीस सालों में चीनी जनता काफी जागरुक हो चुकी थी और पश्चिमी देशों के लोकतांत्रिक विचारों से प्रभावित हो रही थी। अब चीन ने तय किया है कि जनता वही देखेगी जो वहां की सरकार दिखाएगी। अब चीन के टीवी चैनल्स पर वही पुरानी समाजवादी सोच वाली फिल्में दिखाई जाएंगी ताकि वहां की जनता वामपंथी सरकार के गुण गा सकें। ऐसा इसलिए कि कहीं वहां की अमीर मध्यमवर्गीय जनता सरकार के विरोध में स्वर न उठा सके। चीन ने अपने देश की म्यूज़िक इंडस्ट्री पर भी चाबुक चलाना शुरु कर दिया है। वहां अब विदेशी फिल्मों और गानों के रीलीज पर कई तरह के रोक लगाए जा रहे हैं। विदेशी प्रभावों से बचाने के लिए चीन की सरकार किसी भी हद तक प्रतिबंध लगाने को तैयार है । 

ब्यूटी कलेक्शन का गाइडलाइन्स
चीन इस हद तक जा चुका है कि ब्यूटी करेक्शन के नाम से एक गाइडलाइन्स जारी कर दी है, जिसमे ये कहा गया है कि चीनी सरकार अब ये तय करेगी कि आप किस तरह के कपड़े पहन सकते है ,और किस तरह के कपड़े आप नहीं पहन सकते है । ये ठीक तालिबानियों के शरिया कानून की तरह है , बहाना ये बनाया जा रहा है कि चीन की सरकार पुरानी परंपराओं को फिर से जीवित करना चाहती है।