ये हैं वो अभिनेता जो फिल्मी पर्दे के बाद राजनीति में भी रहे हिट

बॉलीवुड ने हमें कई ऐसे अभिनेता दिए हैं जिन्होंने बड़े पर्दे पर हमारा खूब मनोरंजन किया. इन्ही में से कुछ ऐसे हैं जिन्होंने राजनीति में एंट्री ली और एक अलग मुकाम हासिल किया.

ये हैं वो अभिनेता जो फिल्मी पर्दे के बाद राजनीति में भी रहे हिट

बॉलीवुड ने हमें कई ऐसे अभिनेता दिए हैं जिन्होंने बड़े पर्दे पर हमारा खूब मनोरंजन किया. इन्ही में से कुछ ऐसे हैं जिन्होंने राजनीति में एंट्री ली और एक अलग मुकाम हासिल किया. यहां हम कुछ ऐसे ही अभिनेताओं के बारे में बताने जा रहे हैं जो अभिनेता से राजनेता बने इनमें से कुछ दिवगंत हो चुके हैं और कुछ ने राजनीति से तौबा कर ली है तो कुछ आज भी सियासी पिच पर जमे हुए हैं. बात करें महानायक अमिताभ बच्चन की तो उन्होंने भी कुछ ही समय के लिए राजनीति में कदम रखा था. 8वीं लोकसभा चुनाव में अमिताभ बच्चन ने कांग्रेस के टिकट पर इलाहाबाद से चुनाव लड़ा था जिसमें उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की थी हालांकि 3 साल बाद ही उन्होंने स्तीफा दे दिया था. बाद में अपने दोस्त राजीव गांधी के लिए भी प्रचार किया था. 

इसके बाद नाम आता है बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का. जिन्होंने 1984 में राजीव गांधी के जोर देने पर कांग्रेस के लिए प्रचार करना शुरू किया था. राजेश खन्ना ने पहला चुनाव साल 1991 में लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ नई दिल्ली की सीट से लड़ा था. फिर उसी सीट पर 1992 में उपचुनाव हुआ तो राजेश खन्ना ने जीत दर्ज की और 1996 तक सांसद के रूप में सेवारत रहे. दिवंगत अभिनेता सुनील दत्त हमेशा से ही राजनीति में कुछ ज्यादा दिलचस्पी रखते थे. सुनील दत्त ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 1981 में की थी जब वह मुंबई के प्रधान बने. 1984 में सुनील दत्त कांग्रेस (आई) के सदस्य बने थे और बाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए थे. सुनील दत्त को उत्तर पश्चिमी मुंबई से पांच बार 1984, 1989, 1991, 1999 और वर्ष 2004 में सांसद के रूप में चुना गया था, 2004 में वे केंद्रीय मंत्री भी बने थे. 

इस लिस्ट में एक और नाम है विनोद खन्ना का जिन्होंने 1997 में राजनीति में कदम रखा था. 1998 में वे बीजेपी के टिकट पर गुरदासपुर से सांसद बने यही सिलसिला 1999 और 2012 में भी जारी रहा इसके बाद 2004 फिर 2009 और 2014 तक वे लगातार गुरदासपुर से सांसद रहे इस दौरान वे कई बार केंद्रीय मंत्री भी बने थे. अपने जमाने के एक और धाकड़ अभिनेता राज बब्बर को भी सियासत खूब रास आई. राज बब्बर ने 1989 में राजनीतिक सफर की शुरुआत जनता दल का सदस्य बनकर की. उसके बाद समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और1994 से 1999 तक राज्यसभा में सेवारत रहे. 2008 में राज बब्बर कांग्रेस में शामिल हुए और वर्ष 2009 में चौथी बार सांसद बने. 2014 में वे जनरल वीके सिंह से लोकसभा चुनाव हार गए पर अभी भी वे कांग्रेस में सक्रिय हैं.

शॉटगन के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा ने 1992 में राजीति पारी की शुरुआत की नई दिल्ली के उपचुनाव में राजेश खन्ना के विरोध में उतरे लेकिन हार गए फिर 1996 में बिहार से बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा भेजा. इसके बाद उन्हें 2002 में अटल बिहार वाजपेयी ने अपनी कैबिनेट में जगह दी. 2004 में कांग्रेस सत्ता में आई और शत्रुघ्न का मंत्री पद गया लेकिन वह बीजेपी के साथ डटे रहे 2009 फिर 2014 में शत्रुघ्न सिन्हा को बिहार की पटना साहिब सीट से लोकसभा चुनाव में उतारा और उन्होंने जीत हासिल की. इसके बाद बीजेपी से विवाद के बाद वे 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए चुनाव हार गए पर कांग्रेस खेमे में सक्रिय हैं. 

इन सबके अलावा धर्मेंद्र 2004 से 2009 तक बीकानेर से बीजेपी सांसद रह चुके हैं, 2004 में गोविंदा मुंबई से कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने थे और 2014 में परेश रावल भी अहमदाबाद पूर्व से सांसद रह चुके हैं और सनी देओल अभी गुरुदासपुर से बीजेपी सांसद के रुप में काम कर रहे हैं