जब दीया में तेल खत्म होने लगता है तो ज्यादा भभकता है, वहीं हाल राज्य सरकार का है- बाबूलाल

Jharkhand News in Hindi - दुमका पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन द्वारा पूर्व के बीजेपी सरकार में रहे पांच मंत्रियों पर आय से अधिक संपत्ति मामले में ACB से जांच के मामले में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कानून जो कहता है उसमें कानून अपना काम करेगी.

जब दीया में तेल खत्म होने लगता है तो ज्यादा भभकता है, वहीं हाल राज्य सरकार का है- बाबूलाल

दुमकाः दुमका पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन द्वारा पूर्व के बीजेपी सरकार में रहे पांच मंत्रियों पर आय से अधिक संपत्ति मामले में ACB से जांच के मामले में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कानून जो कहता है उसमें कानून अपना काम करेगी. बाबूलाल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दीया का तेल समाप्त होने लगता है तो बत्ती ज्यादा भभकता है आज वहीं हालात है राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का. 

उन्होंने कहा कि “सरकार है जहां जांच करना है कर ले मुझे कुछ नहीं कहना है. हेमंत सोरेन की सरकार का आज 28 से 29 महीना हो गया, हमने सरकार को इन कार्यकाल में 100 से ज्यादा चिठ्ठी भष्टाचार को लेकर लिखी, कहां कोयले की चोरी हो रही है, कहां पत्थर की चोरी हो रही है, कहां पासिंग हो रही है, लेकिन इन अवैध कारोबार पर कोई पहल न कोई कार्रवाई हुई. लेकिन इन दिनों कार्रवाई की जा रही है क्रेशर सील किया जा रहा है, बालू रोक लगाई जा रही है, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन जो दो वर्षों में कोयला बालू पत्थर उन इलाकों से निकाला गया उसका जिम्मेवार कौन है. 

उसके ऊपर सरकार क्या कार्यवाही करेगी. दो साल से जो अवैध क्रेशर कोयला माइनिंग हो रहा था उसमें बिना माइनिंग अधिकारी डीसी एसपी के इशारे के बिना तो नहीं चल रहा होगा. उस समय तो सभी लोग मिल जुल कर पैसा खाया होगा और ऊपर तक पैसा गया होगा. इसलिए हमने कहा है कि जब बत्ती भुझने को है तो ज्यादा फड़फड़ाता है आज वही होने को है”.

क्या है पूरा मामला
बता दें कि पूर्व रघुवर सरकार के कार्यकाल के पांच मंत्रियों के खिलाफ हेमंत सोरेन की सरकार ने एसीबी जांच के आदेश दिए हैं. यह आदेश झारखंड उच्च न्यायालय में साल 2020 में पंकज कुमार यादव बनाम झारखंड राज्य एवं पिछली राज्य सरकार के पूर्व मंत्रियों को लेकर अधिक संपत्ति मामले में दिया गया है.

याचिकाकर्ता ने पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, पूर्व कृषि मंत्री रणधीर सिंह, पूर्व शिक्षा मंत्री नीरा यादव, पूर्व समाज कल्याण मंत्री लुईस मरांडी और पूर्व खेल मंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा अर्जित संपत्ति की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जांच कराने की मांग की थी.