झारखंड मुख्यमंत्री की पहलः जेल में बंद आंदोलनकारियों को मिलेगी पहचान, आश्रितों को मिलेगा पेंशन

सीएम हेमंत सोरेन ने अलग झारखंड राज्य बनाने के आंदोलन में शामिल रहे सभी आंदोलनकारियों की पहचान के लिए शुक्रवार एक कार्यक्रम के जरीए घोषणा किया कि आंदोलन में किसी भी तरह की भूमिका निभाने वालों को 3,500 रुपये से लेकर सात हजार रुपये तक की पेंशन समेत अन्य लाभ दिये जाएंगे.

झारखंड मुख्यमंत्री की पहलः जेल में बंद आंदोलनकारियों को मिलेगी पहचान, आश्रितों को मिलेगा पेंशन

रांची: सीएम हेमंत सोरेन ने अलग झारखंड राज्य बनाने के आंदोलन में शामिल रहे सभी आंदोलनकारियों की पहचान के लिए शुक्रवार एक कार्यक्रम के जरीए घोषणा किया कि आंदोलन में किसी भी तरह की भूमिका निभाने वालों को 3,500 रुपये से लेकर सात हजार रुपये तक की पेंशन समेत अन्य लाभ दिये जाएंगे. इसे लेकर झारखंड प्रोजेक्ट भवन में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि एक-एक आंदोलनकारी को पूरा मान-सम्मान और अधिकार देने का राज्य सरकार ने संकल्प लिया है. इस आंदोलन के अंतिम पंक्ति में शामिल आंदोलनकारियों को भी चिन्हित कर उनका हक दिया जाएगा.

'LOGO' और 'आवेदन प्रपत्र' का विमोचन
मौके पर मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग के 'LOGO' और 'आवेदन प्रपत्र' का विमोचन भी किया. इसके जरीए आंदोलनकारियों की नए सिरे से पहचान कर सूचीबद्ध किया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नया आवेदन प्रपत्र काफी सरल बनाया गया है, ताकि हर आंदोलनकारी आसानी से अपने दावे को आयोग के सामने पेश कर सके. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की धरती ने कई वीर सपूतों को जन्म दिया है, जिन्होंने देश के लिए खुद को न्यौछावर और त्याग दिया है. उन्होंने दावा किया कि अलग झारखंड राज्य के लिए हुआ आंदोलन भी देश की आजादी की लड़ाई से कम नहीं माना जाता. 

जेल में रहने वालों को मिलेगी पेंशन
हेमंत सोरेन ने कहा कि शुरूआती वर्षों में तो मात्र दो हज़ार के लगभग ही आंदोलनकारी को ही चिन्हित किया गया था. इस आंकड़े को देखकर लगाता है कि अलग राज्य के लिए इतना लंबा संघर्ष चला है तो आंदोलनकारियों की संख्या इतनी कम नहीं हो सकती. झारखंड आंदोलनकारियों की पहचान के लिए नया स्वरूप बनाया है जिससे सभी को सूचीबद्ध कर उन्हें सरकार से मिलने वाले लाभ से जोड़ा जा सके. इस दौरान हेमंत सोरेन ने घोषणा किया कि तीन महीने से कम जेल में रहने वाले आंदोलनकारियों को 3500 रुपये प्रति माह और आंदोलन के दौरान जेल में 6 माह से अधिक बिताने वालों को 7 हजार रुपये प्रति माह की पेंशन दी जाएगी.